



नवगछिया : झंडापुर थाना क्षेत्र के नन्हकार बजरंगबली मंदिर के पास रविवार रात करीब 9:30 बजे जमीनी विवाद के चलते दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और गोलीबारी हुई। इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जबकि एक युवक के दोनों पैर में गोली लगी। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर किया गया। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, नन्हकार के रघुनंदन चौधरी और रामप्रकाश चौधरी के बीच पिछले दो वर्षों से 4 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़पें और गाली-गलौज की घटनाएं हो चुकी थीं, लेकिन स्थानीय थाना पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यही कारण था कि दोनों पक्ष एक दूसरे के जान के प्यासे हो गए थे।

रविवार रात को रामप्रकाश चौधरी अपने घर के बाहर दुकान से सामान खरीदने गए थे, तभी रघुनंदन चौधरी के बेटे श्रवण कुमार और अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया। खुद को घिरा देख, रामप्रकाश चौधरी अपने घर की ओर भागने लगे, लेकिन श्रवण कुमार, पवन कुमार और रघुनंदन चौधरी उनके पीछे भागे और घर में घुस गए। इसी दौरान गोलीबारी की घटना घटी, जिसमें रामप्रकाश चौधरी के बजाय श्रवण कुमार के दोनों पैर में गोली लग गई।
ग्रामीणों की मदद से श्रवण कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहपुर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे मायागंज अस्पताल भागलपुर रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर झंडापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
यह घटना घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जो पुलिस की जांच में मददगार साबित हो सकती है। झंडापुर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पूर्व में जमीनी विवाद को लेकर मामूली झगड़ा हुआ था, जिसके बाद फायरिंग की घटना हुई। गोली लगने से घायल श्रवण कुमार की हालत अब खतरे से बाहर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायल का बयान मायागंज अस्पताल से लिया गया है। इस मामले में रामप्रकाश चौधरी समेत आठ लोगों को अभियुक्त बनाया गया है।

अग्रिम जांच के बाद पुलिस उचित कार्रवाई करेगी।
आरोपित पक्ष ने सीसीटीवी कैमरे की निष्पक्ष जांच की मांग की
घटना के बाद आरोपित पक्ष ने प्रशासन से घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की निष्पक्ष जांच की मांग की है। रामप्रकाश चौधरी का कहना है कि पहले भी उन पर झूठे आरोप लगाकर उनकी पत्नी को जेल भेजा गया था। उन्होंने दावा किया कि फायरिंग उनके पक्ष से नहीं, बल्कि रघुनंदन चौधरी के बेटे द्वारा की गई थी। आरोपित पक्ष ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच से सत्यता सामने आ जाएगी। यदि पुलिस न्यायसंगत जांच नहीं करती है तो वे उच्च अधिकारियों और न्यायालय से न्याय की गुहार लगाएंगे।
रामप्रकाश ने यह भी कहा कि अगर जांच में उनके पक्ष से कोई भी दोषी पाया गया तो वे प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण कर देंगे।













