


भागलपुर । मेरा रेशम मेरा अभिमान (एमआरएमए) अभियान के अंतर्गत केंद्रीय रेशम बोर्ड, सीएसटीआरआई तथा रेशम तकनीकी सेवा केंद्र भागलपुर द्वारा 26 अगस्त 2025 को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण रेशम भवन, जीरोमाइल, भागलपुर में आयोजित हुआ, जिसमें कुल 27 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तसर रेशम रीलिंग एवं कताई की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान करना और पारंपरिक तरीकों की तुलना में नए नवाचारों को बढ़ावा देना था। रेशम तकनीकी सेवा केंद्र भागलपुर के वैज्ञानिक-बी आकाश शर्मा ने एमआरएमए अभियान का व्यावहारिक अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने उन्नत मशीनों की मदद से प्राप्त धागे की बेहतर गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता पर जोर दिया।
वैज्ञानिक-सी एवं रेशम तकनीकी सेवा केंद्र भागलपुर के प्रभारी त्रिपुरारी चौधरी ने विस्तृत तकनीकी सत्र आयोजित किया। उन्होंने रीलिंग और कताई की बारीकियों को समझाते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के धागों, उनकी विशेषताओं और व्यावसायिक संभावनाओं की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक सह सहायक उद्योग निदेशक (रेशम), भागलपुर एवं जिला नोडल अधिकारी एमआरएमए खुशबू कुमारी भी मौजूद रहीं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक रीलिंग तकनीकें न केवल कौशल विकास में सहायक होंगी, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। प्रतिभागियों ने न केवल तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी हासिल किया। अंत में, उपस्थित लोगों ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से रेशम उद्योग को नई दिशा मिलेगी।












