



भागलपुर। राज्य सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि हर घर की महिला को उद्यम की दिशा में पहला कदम बढ़ाने के लिए 10,000 रुपये की राशि दी जाएगी। साथ ही, उद्यम के विस्तार और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आगे चलकर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

इसी क्रम में राज्य के सभी जिलों में इस योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। भागलपुर में शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस योजना का लाभ केवल वास्तविक हकदारों तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर घर की महिला आर्थिक रूप से सशक्त बने और अपने पैरों पर खड़ी हो। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि पात्र महिलाओं की पहचान पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर पात्र महिला को मिले। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि जल्द से जल्द महिलाएं छोटे स्तर पर उद्यम शुरू कर सकें। आगे चलकर जब उनका उद्यम विस्तार करेगा तो सरकार की ओर से उन्हें अतिरिक्त सहयोग दिया जाएगा, जिससे वे अपने व्यवसाय को बड़े पैमाने पर खड़ा कर सकें।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए और यह भी कहा कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित न रह जाए, बल्कि धरातल पर इसका असर दिखना चाहिए।
गौरतलब है कि राज्य सरकार की यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ परिवार और समाज में उनकी भूमिका को और सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।













