



भागलपुर से दिखा नई तकनीकी क्रांति का रास्ता
भागलपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक और ठोस कदम जुड़ गया है। “मेक इन इंडिया” के बाद अब “डिज़ाइन इन इंडिया” का नारा जोर पकड़ रहा है, जिसका एक प्रमुख उदाहरण बिहार के भागलपुर में देखने को मिला है।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी), भागलपुर के निदेशक प्रोफेसर मधुसूदन सिंह ने बताया कि भारत अब सेमीकंडक्टर यानी चिप की दुनिया में सिर्फ उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि डिज़ाइन और निर्माण दोनों क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया मंत्र “आपदा में अवसर” अब धरातल पर साकार होता दिख रहा है।

वर्ष 2021 में भारत सरकार ने ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत 76,000 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया था। इसका असर अब स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। नोएडा और बेंगलुरु जैसे तकनीकी शहरों में चिप डिज़ाइन का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इससे स्पष्ट है कि भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो रहा है।

प्रोफेसर मधुसूदन सिंह ने बताया कि ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका जैसे देश अब तक इस क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं। लेकिन अब भारत भी उस दिशा में तेजी से अग्रसर है। ट्रिपल आईटी जैसे उच्च तकनीकी संस्थानों की इसमें महत्त्वपूर्ण भूमिका है, जो इस क्रांति के केंद्र में हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक भारत में चिप निर्माण की प्रक्रिया का अभाव था, लेकिन अब न केवल डिज़ाइनिंग का कार्य हो रहा है बल्कि भविष्य में पूर्ण निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) भी यहीं संभव होगा। इससे न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि लाखों रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।













