



भागलपुर : हिन्दी-अंगिका साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार एवं मदन अहल्या महिला महाविद्यालय, नवगछिया के पूर्व हिन्दी प्राध्यापक स्वर्गीय डॉ. छेदी साह की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर उनके ज्योति विहार स्थित आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न साहित्यकारों, कवियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार सच्चिदानंद किरण ने की। उन्होंने डॉ. साह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि निष्कलंक साहित्य सेवा करने वाले कर्मयोगी मरने के बाद भी अमर हो जाते हैं। उनका जीवन और सृजन सदैव स्मरणीय रहेगा।
साहित्यकार अभय कुमार भारती ने डॉ. साह के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे न केवल उच्च कोटि के साहित्यकार थे, बल्कि अत्यंत विनम्र, सादगीपूर्ण और अहंकाररहित व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि जब तक साहित्य का अस्तित्व रहेगा, डॉ. साह की रचनाएँ जीवंत रहेंगी और नई पीढ़ी को मार्गदर्शन देती रहेंगी।

सभा में उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए डॉ. साह के ज्येष्ठ पुत्र कमला कांत कोकिल ने कहा कि उन्हें अपने पिता जैसे महान साहित्यकार का पुत्र होने का गौरव है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे उनके आदर्शों पर चलते हुए साहित्यिक सेवा जारी रखेंगे।

कार्यक्रम में कवि डॉ. कृष्ण कुमार मंडल सहित कई अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं का सस्वर पाठ कर डॉ. साह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर शीला देवी, ज्योति कुमारी, श्वेता देवी, अंकिता, आस्था, उत्कर्ष, अंजलि और गौरव कुमार ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट की।












