



भागलपुर में डायल-112 सेवा से जुड़े ड्राइवरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल रविवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सेवानिवृत्त सैनिकों को रोजगार देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस सेवा के ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से न तो बुनियादी अधिकार मिले हैं और न ही समान वेतन। इसी कारण उन्हें मजबूरन आंदोलन का सहारा लेना पड़ा।
ड्राइवरों ने पुलिस लाइन स्थित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में वाहन खड़ा कर चाबियाँ जमा कर दीं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में भी ड्राइवरों ने थानों के परिसरों में गाड़ियाँ खड़ी कर दीं। इस वजह से शनिवार रात से ही कई क्षेत्रों में आपातकालीन सेवा प्रभावित हो गई। शहर और गांव दोनों जगह कॉल रिस्पांस टाइम बढ़ने लगा है।

ड्राइवरों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के बदले समान वेतन, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, साप्ताहिक अवकाश और अन्य बुनियादी सुविधाएँ शामिल हैं। उनका कहना है कि वे हर परिस्थिति में ड्यूटी करते हैं, लेकिन न तो उचित वेतन दिया जाता है और न ही छुट्टियों की व्यवस्था है। पूर्व सैनिक होने के बावजूद उनकी मेहनत को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

पूर्व सैनिक संगठन के भागलपुर जिला अध्यक्ष सुबोध कुमार पांडे ने बताया कि कई बार लिखित और मौखिक रूप से अपनी मांगें रखी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक प्रशासन उनकी मांगें पूरी नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल की खबर मिलते ही जिला प्रशासन में हलचल मच गई है। वहीं, आम लोगों में चिंता बढ़ गई है कि आपातकालीन सेवा बाधित होने से सड़क हादसों या अपराध की घटनाओं पर समय पर मदद नहीं मिल पाएगी।
गौरतलब है कि डायल-112 को पुलिस का ‘फर्स्ट रिस्पांस यूनिट’ माना जाता है। ऐसे में ड्राइवरों की हड़ताल ने पूरे सिस्टम को चुनौतीपूर्ण स्थिति में डाल दिया है। अब आमजन यही उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही वार्ता के जरिए समाधान निकले और आपातकालीन सेवा फिर से सामान्य हो सके।













