



नवगछिया । बिहार बॉल बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में तथा वैशाली जिला बॉल बैडमिंटन संघ द्वारा हाजीपुर के कुशवाहा आश्रम में आयोजित 32वीं बिहार राज्य सब जूनियर बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप का सफल समापन हुआ। इस प्रतियोगिता में पुरुष, महिला और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन कर खिताब पर कब्जा जमाया।
पुरुष वर्ग के संघर्षपूर्ण फाइनल मुकाबले में एकलव्य स्पोर्ट्स एकेडमी ने बेगूसराय को 35-33, 37-35 से हराकर विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। महिला वर्ग के फाइनल में गत वर्ष की विजेता वैशाली ने बेगूसराय को 35-30, 35-28 से पराजित कर लगातार 10वीं बार खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया। वहीं सब जूनियर बालिका वर्ग के फाइनल में बाढ़ ने लखीसराय को 35-30, 31-25 से हराकर विजेता का खिताब हासिल किया।
महिला वर्ग के फाइनल में वैशाली की ओर से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रिया सिंह, वंदना कुमारी, कविता कुमारी और निधि कुमारी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि बेगूसराय की ओर से खुशी और माही ने शानदार खेल दिखाया।
इस प्रतियोगिता में नवगछिया ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। पुरुष वर्ग में नवगछिया और मधेपुरा, जबकि महिला वर्ग में एकलव्य स्पोर्ट्स एकेडमी और नवगछिया संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। वहीं सब जूनियर बालिका वर्ग में पूर्वी चंपारण और किलकारी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।

सेमीफाइनल मुकाबलों में पुरुष वर्ग में एकलव्य स्पोर्ट्स एकेडमी ने मधेपुरा को 35-25, 35-27 से और बेगूसराय ने नवगछिया को 35-30, 35-28 से हराया। महिला वर्ग में वैशाली ने एकलव्य स्पोर्ट्स एकेडमी को 35-25, 35-20 से और बेगूसराय ने नवगछिया को 35-28, 35-20 से मात दी। सब जूनियर बालिका वर्ग के सेमीफाइनल में बाढ़ ने पूर्वी चंपारण को 35-18, 35-16 से तथा लखीसराय ने किलकारी को 35-30, 35-33 से हराया।
फाइनल मुकाबलों के बाद खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण वैशाली जिला परिषद अध्यक्ष आशुतोष कुमार उर्फ दीपू, बिहार ग्रैपलिंग कुश्ती संघ के अध्यक्ष किशलय किशोर, जिला पार्षद मुकेश पासवान और बिहार बॉल बैडमिंटन संघ के सचिव गौरी शंकर ने किया। अतिथियों का स्वागत वैशाली जिला बॉल बैडमिंटन संघ के सचिव रवि रंजन कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आरपीएफ निरीक्षक राज कुमार ने दिया। मंच संचालन राजेश शुभांगी और दीपक सिंह कश्यप ने किया। यह जानकारी राज्य प्रवक्ता ज्ञानदेव कुमार ने दी।














