



भागलपुर बिहार में 9 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है। राज्य सरकार के आदेश के अनुसार न तो कोई शराब पी सकता है और न ही बेच सकता है। इस कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद न तो पीने वाले सुधर रहे हैं और न ही बेचने वाले अपनी आदतों से बाज आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2016 में पूरे बिहार में शराबबंदी लागू की थी। तभी से बिहार को शराबबंदी वाला राज्य कहा जाने लगा। लेकिन हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश करती है। शराबबंदी की पोल शराबी ही खोलते नजर आ रहे हैं।

ताजा मामला भागलपुर जिले से सामने आया है। यहां एक शराबी शराब के नशे में कचरे के ढेर पर लुढ़का हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य कई सवाल खड़े करता है कि क्या वाकई बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है।
जानकारी के अनुसार वीडियो में दिख रहा युवक विपिन पोद्दार है, जो भवानीपुर थाना क्षेत्र के मधुरापुर का रहने वाला है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह शराब के नशे में पूरी तरह धुत होकर कचरे के ढेर पर गिरा पड़ा है। इतना ही नहीं, उसने खुद शराब पीने की बात भी स्वीकार की है।

यह घटना न सिर्फ शराबबंदी की विफलता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि इस बात को भी उजागर करती है कि शराबबंदी कानून के बावजूद शराब की उपलब्धता कितनी आसानी से हो रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।












