



भागलपुर । भागलपुर के समीक्षा भवन में गुरुवार को जिला दंडाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में तथा वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत की उपस्थिति में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूजा महासमिति, सेंट्रल मोहर्रम कमेटी, काली बड़ी पूजा कमेटी सहित अन्य समितियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपनी-अपनी समस्याओं व सुझावों को रखा। इनमें सड़कों की सफाई, विसर्जन घाटों पर प्रकाश की व्यवस्था, कई सड़कों की मरम्मती, गांगटा पोखर की सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था, पंडालों में पर्याप्त महिला पुलिस बल की तैनाती और घाटों पर बैरिकेटिंग जैसी मांगें प्रमुख थीं।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला दंडाधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा शक्ति की उपासना, पवित्रता और आस्था का पर्व है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी इसे शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समितियों द्वारा जो सुझाव दिए गए हैं, उन सभी पर काम कराया जाएगा। नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर ब्लीचिंग पाउडर और चुना का छिड़काव करवाएं तथा कचरा उठाव समय पर सुनिश्चित करें।

उन्होंने समितियों से अपील की कि सड़कों पर खोमचा और ठेला न लगवाएं ताकि फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और प्रशासनिक वाहनों को आने-जाने में कठिनाई न हो। चिमकी लाइट कम से कम 16 फीट की ऊंचाई पर लगाने का निर्देश दिया गया। बड़े पूजा पंडालों में सीसीटीवी लगाने, कार्य योजना व नक्शे के अनुसार पंडाल बनाने तथा वॉलेंटियर को बैज के साथ तैनात रखने को कहा गया। साथ ही रात्रि में कम से कम दो से तीन वॉलेंटियर पंडाल में मौजूद रहेंगे।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूजा के अवसर पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पंडालों के पास भी पुलिस जवान रहेंगे। विसर्जन के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और केवल लाइसेंसधारी जुलूस ही निकाले जाएंगे। यातायात सुचारू रखने के लिए कुछ जगहों पर वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी जिसकी जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जितना बड़ा पंडाल होगा, उतने अधिक स्वयंसेवक रखने होंगे। आगजनी से निपटने के लिए पंडालों में बालू और पानी से भरे ड्रम की व्यवस्था जरूरी है। महिला और पुरुषों के प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे। किसी भी घटना की तुरंत सूचना प्रशासन को देनी होगी ताकि छोटी घटना बड़ी न बन सके।
उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है। साथ ही प्रतिमा की ऊंचाई मानक से अधिक नहीं होनी चाहिए ताकि विसर्जन में कोई कठिनाई न हो।

बैठक में सभी वरीय पदाधिकारी, वरीय पुलिस पदाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, थाना अध्यक्ष और जिला शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
















