



भागलपुर के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के कमरगंज पंचायत में बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित जलासय निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय किसानों ने एक निजी कंपनी द्वारा उनकी जमीन पर कब्जा कर भूमि पूजन किए जाने का विरोध किया और कार्य को रोक दिया।

किसान प्रदीप कुमार भगत और निर्मल कुमार भगत ने बताया कि जिस जमीन पर भूमि पूजन किया गया है, वह उनकी पुश्तैनी जमीन है। इस जमीन का न तो अधिग्रहण किया गया है और न ही मुआवजा दिया गया है। किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजा राशि नहीं दी जाएगी, तब तक वे किसी भी तरह का काम अपनी जमीन पर होने नहीं देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस जमीन को लेकर भागलपुर सिविल कोर्ट में टाइटल सूट चल रहा है और कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक मामला निपट नहीं जाता, तब तक यहां कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद निजी कंपनी जीबीएचआर द्वारा जबरन काम करने की कोशिश की जा रही है।

किसानों का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने भूमि पूजन के दौरान भू-अर्जन पदाधिकारी का धौंस दिखाया और कहा कि यदि किसानों ने काम का विरोध किया तो उनके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। इतना ही नहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान भी कंपनी के लोग अभद्र व्यवहार करते दिखे।

इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनके अधिकारों और मुआवजे की उचित व्यवस्था नहीं होती, तब तक वे अपनी जमीन पर किसी भी प्रकार का काम नहीं होने देंगे। फिलहाल मामला तनावपूर्ण बना हुआ है।













