



भागलपुर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) भागलपुर ने गौशाला हॉल, कोतवाली चौक में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर विश्वविद्यालय में हाल के दिनों में घटी घटनाओं, प्रशासन की नाकामियों और बिगड़ती व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया।
प्रेस वार्ता में एबीवीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में हाल ही में हुई अराजकता और हंगामे के पीछे छात्र संगठन छात्र रजत का हाथ है। उन्होंने कहा कि छात्र रजत के अध्यक्ष लालू यादव कई बार विवादों और मुकदमों में घिरे रहे हैं, बावजूद इसके जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन अब तक उन पर कोई कार्रवाई करने में नाकाम रहा है।

नेताओं का कहना था कि लालू यादव और उनके सहयोगी न केवल अराजकता फैलाते हैं बल्कि छात्रों और शिक्षकों से वसूली जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहते हैं। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है। एबीवीपी ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल की घटनाओं में उनके कार्यकर्ताओं पर झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। संगठन ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें से कई उस दिन अस्पताल में भर्ती थे या शहर में मौजूद ही नहीं थे। ऐसे में ये मुकदमे पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं।

एबीवीपी ने पुलिस और विश्वविद्यालय प्रबंधन से सच्चाई सामने लाने की मांग की और जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो परिषद चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। नेताओं ने कहा कि एबीवीपी हमेशा विश्वविद्यालय की स्वच्छता, अनुशासन और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा रहा है और आगे भी संघर्ष करता रहेगा।
इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में विश्वविद्यालय की अव्यवस्था और बढ़ती गुंडागर्दी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए दोषियों पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है। एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि वह न्याय और पारदर्शिता की मांग को लेकर हर स्तर पर संघर्ष करेगा। संगठन ने छात्रों, अभिभावकों और समाज से भी अपील की कि वे इस लड़ाई में उनका साथ दें ताकि विश्वविद्यालय का माहौल फिर से शैक्षिक और अनुशासनयुक्त बनाया जा सके।












