



भागलपुर । घोघा बाजार निवासी गोपाल उपाध्याय के घर दिनदहाड़े हुई डाका कांड का घोघा थाना पुलिस ने सफलता पूर्वक उद्भेदन कर लिया है। घटना को लेकर प्रेस वार्ता करते हुए एसडीपीओ कल्याण आनंद ने बताया कि यह घटना 5 अक्टूबर की सुबह 6 बजे घोघा बाजार स्थित गोपाल उपाध्याय के घर हुई थी। तीन अपराधियों ने जबरदस्ती घर में घुसकर उनकी पत्नी क्रांति देवी को बंधक बना लिया और नगद एवं आभूषण लूटकर फरार हो गए।

घटना के तुरंत बाद क्रांति देवी ने थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और विभिन्न स्थलों की सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सबौर थाना क्षेत्र के बासुकी मंडल, ललन कुमार और पवन शर्मा की पहचान हुई। बासुकी मंडल और ललन कुमार को गिरफ्तार किया गया।

एसडीपीओ ने बताया कि मोबाइल सीडीआर और अभियुक्तों के बयान के आधार पर तीन अन्य लोगों की पहचान हुई। इनमें घोघा बाजार के संतोष दुबे मुख्य मास्टरमाइंड थे, जिन्होंने डकैती की योजना बनाई। संतोष दुबे अपने ससुराल में रहते हैं और वहीं से गिरफ्तार किए गए। वहीं, सबौर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर के फूलचंद दास और मुस्लिम टोला के मोहम्मद शमीम उर्फ गुड्डू की संलिप्तता पाई गई और उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि संतोष दुबे ने घटना से 10 दिन पहले गोपाल उपाध्याय के घर की रेकी की थी। छह अपराधियों में से सबौर थाना क्षेत्र के पवन शर्मा अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
अपराधियों के पास से घटना में प्रयुक्त दो बाइक, बासुकी मंडल के पास से लूटी गई एक अंगूठी और घटना के दिन ललन कुमार के पहने गए वस्त्र बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी पता चला कि संतोष दुबे का पूर्व में भी अपराधिक इतिहास रहा है और उन पर बलात्कार का आरोप भी है। फूलचंद दास शराब तस्करी मामले में पहले से अभियुक्त हैं, जबकि बासुकी मंडल दो बार लूट कांड में जेल जा चुके हैं।
घटना के उद्भेदन में थाना अध्यक्ष अजीत कुमार और सबौर थाना अध्यक्ष सूबेदार पासवान ने सक्रिय सहयोग दिया।














