



नवगछिया : खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत कुल्हड़िया पंचायत में सरपंच पर जबरन हस्ताक्षर कराने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया कि दो भाइयों के बीच जमीन विवाद के दौरान पंचायत में सरपंच ने एक पक्ष से मिलकर वृद्ध मां और बेटे से सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। घटना को एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी परबत्ता थाना में मामला दर्ज नहीं किया गया है।

पीड़ित रंजीत सिंह, सलारपुर वार्ड संख्या-8 निवासी हैं, जिनके पिता स्वर्गीय शिवकुमार सिंह थे। उन्होंने बताया कि न्याय की उम्मीद में वे पिछले कई दिनों से परबत्ता थाना का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। आरोप है कि परबत्ता पुलिस ने उन्हें लगातार तीन दिन थाना बुलाया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की।
घटना 7 अक्टूबर की बताई जा रही है, जब रंजीत सिंह और उनके भाई शोभन सिंह के बीच एक कट्ठा जमीन को लेकर विवाद हुआ। पंचायत के दौरान सरपंच प्रतिनिधि कवि नंदन तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने शोभन सिंह के पक्ष में मिलकर रंजीत सिंह की वृद्ध मां कैलाश देवी और पुत्र रंजीत सिंह को धमकाकर सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए।

पीड़ित ने 10 अक्टूबर को खगड़िया डीएम, एसपी, गोगरी एसडीओ, परबत्ता बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्ष को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अब तक किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई।
रंजीत सिंह ने बताया कि विवादित एक कट्ठा जमीन उनके मौसेरे भाई रंधीर सिंह पिता स्वर्गीय बैजनाथ सिंह के नाम से थी, जो उनकी देखरेख में थी। बचपन में माता-पिता की मृत्यु के बाद रंजीत ने रंधीर का पालन-पोषण किया था। रंधीर की मृत्यु के बाद उसका दाह संस्कार और श्राद्ध कर्म भी रंजीत ने ही किया।
आरोप है कि शोभन सिंह पहले ही पैतृक संपत्ति में बराबर का हिस्सा ले चुके हैं, लेकिन अब मृत रंधीर सिंह की जमीन में आधा हिस्सा पाने की लालच में उन्होंने सरपंच के साथ मिलकर जबरन हस्ताक्षर करवाए।
इस संबंध में परबत्ता थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और जांचोपरांत आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















