



एक मिनटों में उजड़ी गेलै दुनिया हो बाबू …
नवगछिया।
“हममे सब बस शादी से हँसते–बोलते मदरौनी जा रहल रिहे … के जाने रहे कि इतना बड़ो बात भय जेते ..
— यह शब्द टेम्पो में सवार प्रत्यक्षदर्शी महिला फूलन देवी के हैं, जिन्होंने हादसे की दहशत में चीखते हुए बताया।
रविवार सुबह करीब 9 बजे, NH–31 पर अजय ढाबा के समीप अचानक सनसनी फैल गई। सड़क पर परखच्चे उड़ा हुआ टेम्पो, चारों ओर बिखरा सामान, बच्चों की रोने की आवाज़ें और घायल लोगों की कराह — यह सब देखकर आसपास के लोग स्तब्ध रह गए।

“हमरा जोर के झटका लागले फेरु सब उलट–पुलट हो गेले ।”
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नवगछिया के नवादा गांव से लड़की की शादी का भोज खाकर लौट रहा टेम्पो ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। “ट्रक बिल्कुल सामने था… टेम्पो जैसे ही दाईं ओर निकला, एक जोरदार ठक की आवाज़ हुई… और हम सब उछल गए,” — एक घायल नें बताया
टक्कर लगते ही टेम्पो सड़क किनारे पलट गया। धूल छंटने पर लोगों ने देखा कि 62 वर्षीय सविता देवी, पत्नी राजेंद्र सिंह (निवासी: लोकमानपुर), टेम्पो के नीचे दब गई थीं। लोग दौड़कर उन्हें निकालने लगे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
“बच्चे जोर–जोर से रोने लगे… लोग दौड़कर उन्हें उठाने लगे।”
चश्मदीदों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद तीन छोटे बच्चे जोर–जोर से रो रहे थे। एक महिला चोटों से कराह रही थी, जबकि तीन महिला बेहोशी की हालत में सड़क पर गिर गए थे।
स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकाला और उन्हें गाड़ियों में बिठाकर अस्पताल भेजा। इसी बीच ट्रैफिक थाना अध्यक्ष सुजीत वारसी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
अनुमंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों ने सविता देवी को मृत घोषित किया, जबकि अन्य तीन घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया।

हादसे के बाद टेम्पो चालक मौके से फरार हो गया, जबकि रंगरा थाना पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। थाना अध्यक्ष विश्वबंधु कुमार ने बताया कि सभी यात्री लोकमानपुर के निवासी थे और वे एक पारिवारिक शादी समारोह से लौट रहे थे।
हादसे के स्थल पर टूटा हुआ टेम्पो, बिखरे कपड़े और चप्पल–जूते हादसे की कहानी बयान कर रहे थे । NH–31 से गुजरने वाले हर वाहन की रफ्तार उस जगह पर स्वतः धीमी हो जाती है — मानो सड़क खुद बता रही हो कि तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी जिंदगियों को तबाह कर सकती है।
















