



भागलपुर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना के तृतीय चरण को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से शुक्रवार को भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में संपन्न हुई, जिसमें योजना से जुड़े सभी संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार की मंशा है कि सात निश्चय योजना के तीसरे चरण का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक, घर-घर पहुंचे। इसके लिए कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि सात निश्चय योजना का तृतीय चरण लाभुकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा, क्योंकि इसमें आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि योजना से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को यथासंभव सरल बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़े कार्यों की प्रगति की जानकारी दी तथा योजना को और अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा और गंभीरता से पालन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि योजना की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं फील्ड में जाकर कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार की योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी, जब उनका लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक समय पर पहुंचे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों से आपसी समन्वय, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि सात निश्चय योजना के तृतीय चरण को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।













