



भागलपुर । जलीय जीवों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर शिव प्राण मैटी मिशन ऑफ इंडिया ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने हेतु नवगछिया अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र लिखा है।

पत्र में बताया गया है कि प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियाँ न तो धार्मिक दृष्टि से उचित हैं और न ही पर्यावरण के लिए सुरक्षित। पीओपी की मूर्तियों का विसर्जन जल में नहीं घुलता, जिससे जलीय जीवों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। साथ ही, इन मूर्तियों पर की गई केमिकल पेंटिंग जल में मौजूद जीवों के लिए अत्यंत विषाक्त साबित होती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण परिषद, दिल्ली द्वारा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पीओपी मूर्तियों पर रोक लगाई गई है।

फिर भी, पिछले वर्ष नारायणपुर प्रखंड के गणेश पथ, विद्युत ट्रांसफार्मर के पास प्लास्टर ऑफ पेरिस से बन रही सरस्वती जी की मूर्ति पर रोक लगाने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर यथोचित कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण इस वर्ष भी पीओपी की मूर्तियाँ बिक्री के लिए बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही हैं।
शिव प्राण मैटी मिशन ऑफ इंडिया ने जलीय जीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से पीओपी से बनी सरस्वती मूर्ति के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने और तैयार मूर्तियों को हटाने की मांग की है।













