



भागलपुर । भागलपुर जिले में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन की प्रगति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिले के तीनों अनुमंडल पदाधिकारी, तीनों भूमि सुधार उपसमाहर्ता तथा सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि भागलपुर जिले में विभिन्न विभागों की कुल 14 महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि अमीन द्वारा भूमि सर्वे का कार्य किया जा रहा है, लेकिन अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अब संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भू-अर्जन से जुड़े मामलों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करेंगे, ताकि कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक के दौरान एनएच-133 परियोजना, एकचारी–महगामा पथ, पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना, कटारिया–विक्रमशिला रेल लाइन, औद्योगिक क्षेत्र गोराडीह, बधुआ जलाशय योजना, अंतरराज्यीय बस स्टैंड, गंगा पथ परियोजना तथा ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट परियोजना सहित अन्य योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि के भू-अर्जन की स्थिति की परियोजनावार समीक्षा बारी-बारी से की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी 5 से 6 दिनों के भीतर सभी भू-धारकों का सर्वे पूर्ण किया जाए। सर्वे के दौरान प्रत्येक भू-धारक का जमाबंदी नंबर, खाता संख्या एवं खेसरा संख्या स्पष्ट रूप से दर्ज करते हुए परियोजनावार विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा में सटीक और पूर्ण रिपोर्ट उपलब्ध कराने से भू-अर्जन की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब नहीं होगा।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।













