


नवगछिया : अंग क्षेत्र का प्रसिद्ध पोष पूर्णिमा मेला बुधवार को सहौरा में श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीणों और आसपास के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सुबह से ही मेले का क्षेत्र भक्तिभाव से गूंज उठा था। लोग माता कौशल्या की प्रतिमा के दर्शन और पूजन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे।
प्रतिमा पूजन के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं और सभी ने भक्ति गीतों के साथ जयकारे लगाते हुए माता की आराधना की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने स्थानीय नदी में प्रतिमा का विसर्जन किया। विसर्जन के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहा। लोग माता कौशल्या की प्रसन्नता और आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि कौशल्या मेला क्षेत्र की पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से आयोजित होता आ रहा है। इस मेले के माध्यम से लोग न केवल अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त करते हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी एक दूसरे से जुड़ते हैं। मेले के दौरान महादंगल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों और युवा प्रतिभाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। दर्शकों की संख्या इतनी अधिक थी कि पूरे मेले का क्षेत्र भक्तिभाव से भरा हुआ दिखाई दे रहा था।
आयोजकों ने मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा। पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के कारण मेला पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। साथ ही, स्वास्थ्य और सफाई के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालु आसानी से अपने पूजन और उत्सव में शामिल हो सके।
मेला समाप्ति के बाद लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था बनी रहती है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि भी मजबूत होती है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मेले में आने वाले लोगों ने माता कौशल्या से अपने जीवन में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की।













