


नवगछिया
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) नवगछिया इकाई द्वारा सोमवार को जी बी कॉलेज में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर युवा संवाद और पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

महाविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार ने बताया कि ABVP हर वर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में पूरे भारत में मनाती है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत के महान संत, विचारक और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति और वेदांत का संदेश दुनिया को दिया। 1893 में शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में उनका ऐतिहासिक भाषण भारत के लिए गर्व का क्षण था। स्वामी जी युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रभक्ति का भाव उत्पन्न करते थे। आज भी उनके विचार युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

छात्रा ज्योति ने बताया कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनका बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त प्रतिष्ठित वकील थे और आधुनिक सोच के धनी थे, जबकि माता भुवनेश्वरी देवी धार्मिक, करुणामयी और संस्कारवान महिला थीं। माता-पिता के ये गुण नरेंद्रनाथ के व्यक्तित्व में स्पष्ट दिखाई देते थे।
सह-मंत्री शशि ने बताया कि बाल्यकाल से ही नरेंद्रनाथ असाधारण प्रतिभाशाली थे। वे संगीत, साहित्य, दर्शन और खेल सभी में निपुण थे। उनके मन में बचपन से ही यह प्रश्न गूंजता रहता था—“क्या ईश्वर हैं? यदि हैं, तो क्या किसी ने उन्हें देखा है?” यही प्रश्न उन्हें आध्यात्मिक मार्ग की ओर ले गया और आगे चलकर वे स्वामी विवेकानंद बने।

कार्यक्रम में जिला संयोजक गौतम साहू, महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र कुमार, छात्रा ज्योति, सह मंत्री शशि, और अन्य कार्यकर्ता नवनीत, सौरभ सहित अनेक छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित थे।












