



भागलपुर जिले के सुल्तानगंज क्षेत्र में अगुवानी गंगा पुल के एप्रोच पथ निर्माण को लेकर बनाए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए पुलिस टीम कार्यस्थल पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही अतिक्रमणकारियों में आक्रोश फैल गया और लोगों ने विरोध दर्ज कराया। अतिक्रमणकारियों का कहना था कि उन्हें अब तक न तो कोई विधिवत नोटिस मिला है और न ही मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ लोगों को नोटिस देकर मुआवजा राशि दी जा चुकी है, लेकिन कई ऐसे परिवार हैं जिन्हें न तो मुआवजा मिला है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद उनके मकान तोड़े जाने की कार्रवाई की जा रही है, जो अन्यायपूर्ण है।

मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार और अंचल पदाधिकारी शालिनी कुमारी ने अतिक्रमणकारियों को समझाते हुए कहा कि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया कानूनी तौर पर चल रही है और जिन लोगों को अब तक राशि नहीं मिली है, उनकी समस्या भी जल्द दूर की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी निर्माण कार्य में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो, इसलिए कार्यस्थल से अतिक्रमण हटाना आवश्यक है।
इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने पुलिस टीम से आग्रह किया कि उन्हें दो से चार दिनों की मोहलत दी जाए, ताकि वे स्वयं अपने मकान हटाकर दूसरी जगह जा सकें। लोगों ने कहा कि जेसीबी मशीन से मकान तोड़े जाने पर उन्हें भारी नुकसान होगा और फिलहाल दूसरी जगह जमीन की उपलब्धता नहीं हो पाई है। जमीन मिलते ही वे अपना नया आशियाना बना लेंगे।

पुलिस और प्रशासन ने मानवीय पहलू को देखते हुए अतिक्रमणकारियों को चार दिनों की मोहलत दी, ताकि वे स्वयं अपने घर हटा सकें। इसी बीच कुछ लोगों की जेसीबी चालक के साथ नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
फिलहाल प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने की तैयारी जारी है, वहीं मुआवजा से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया गया है।













