



मुख्य न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन, आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
भागलपुर। भागलपुर में उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है। इसी क्रम में वकीलों ने हाईकोर्ट के अध्यक्ष (मुख्य न्यायाधीश) को संबोधित करते हुए धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को मजबूती से रखा।

धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि भागलपुर ऐतिहासिक, प्रशासनिक और न्यायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है, ऐसे में यहां हाईकोर्ट की खंडपीठ की स्थापना अब समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने बताया कि भागलपुर प्रमंडल के अंतर्गत कई जिले आते हैं, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मुकदमे पटना हाईकोर्ट में दाखिल किए जाते हैं।
वकीलों का कहना है कि लंबी दूरी, अधिक समय और बढ़ते खर्च के कारण आम जनता के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है। यदि भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना होती है तो न केवल त्वरित न्याय सुनिश्चित होगा, बल्कि उच्च न्यायालय पर बढ़ते बोझ में भी कमी आएगी।

धरने में शामिल अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि भागलपुर पहले से ही एक प्रमुख न्यायिक केंद्र रहा है। यहां जिला न्यायालय सहित कई न्यायिक संस्थान सक्रिय हैं और खंडपीठ की स्थापना के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और अनुकूल वातावरण पहले से उपलब्ध है।
प्रदर्शनकारियों ने बैनर और पोस्टरों के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
अंत में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के अध्यक्ष से अपील की कि वे भागलपुर की जनता और अधिवक्ता समुदाय की भावनाओं को समझते हुए यहां खंडपीठ की स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि न्याय प्रणाली अधिक सुलभ, सरल और प्रभावी बन सके।













