



भागलपुर। मजदूर विरोधी चार लेबर कोड कानूनों के खिलाफ प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारी तेज करने के लिए ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) की ओर से सोमवार को स्थानीय सुरखीकल यूनियन कार्यालय में कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में असंगठित क्षेत्र से जुड़े विभिन्न यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत समाजवादी चिंतक एवं शहीद जगदेव प्रसाद की 105वीं जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। वक्ताओं ने शहीद जगदेव प्रसाद की क्रांतिकारी विरासत को याद करते हुए इसे मौजूदा मजदूर आंदोलन से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यकर्ता संवाद को संबोधित करते हुए ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने चारों लेबर कोड को मजदूरों से उनके अधिकार छीनने वाला कानून बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून मजदूरों के कानूनी संरक्षण को समाप्त कर देता है। इसके तहत स्थायी काम के लिए अस्थायी नियुक्ति को वैध कर स्थायी रोजगार के अधिकार पर हमला किया गया है।

मुकेश मुक्त ने बताया कि लेबर कोड महिलाओं को रात में काम करने के लिए मजबूर करता है, जिससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है। काम के निर्धारित आठ घंटे को बढ़ाकर 16 घंटे तक करने का प्रावधान शोषण को कानूनी रूप देने जैसा है। जिला स्तर के श्रम न्यायालयों को समाप्त कर न्याय को मजदूरों से और दूर कर दिया गया है। इसके बावजूद केंद्र सरकार और समर्थक मीडिया इसे मजदूर हितैषी कानून बताकर भ्रम फैला रहे हैं।
मुकेश मुक्त ने कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का जवाब सड़कों पर उतरकर देना होगा। उन्होंने 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संवाद में शामिल विभिन्न यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में लेबर कोड का विरोध करते हुए 12 फरवरी को भागलपुर की सड़कों पर उतरने का ऐलान किया। मजदूर बहुल इलाकों, चौक-चौराहों, गांवों और मोहल्लों में हड़ताल के समर्थन में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया गया।
कार्यकर्ता संवाद को ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त के अलावा जिला उपाध्यक्ष मनोज सहाय, भाकपा माले के नगर सचिव विष्णु कुमार मंडल, असंगठित कामगार महासंघ के राज्य सचिव सुभाष कुमार एवं मो. मुमताज, बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के संयुक्त जिला सचिव अमर कुमार एवं अमित गुप्ता ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन, असंगठित कामगार महासंघ, घरेलू कामगार यूनियन, विद्यालय रसोइया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेत दर्जनों यूनियनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।














