



नवगछिया अनुमंडल में बर्ड फ्लू (एच5एन1 वायरस) की पुष्टि होते ही प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। 11 जनवरी को अनुमंडल परिसर स्थित मैदान में एक ही स्थान पर लगभग 150 कौओं की मौत के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
मौके पर जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन ने तुरंत सावधानीपूर्ण और त्वरित कदम उठाए। प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सैनिटाइजेशन अभियान शुरू किया गया। रविवार को जहां पहली बार सैनिटाइजेशन किया गया, वहीं सोमवार को दोबारा पूरे इलाके में यह अभियान चलाया गया।

इस बीच, पटना से आई विशेषज्ञों की एक टीम ने नवगछिया पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। टीम के मार्गदर्शन में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन कराया गया, ताकि वायरस के फैलने की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
जिला प्रशासन के अनुसार, बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर 10 किलोमीटर के दायरे को हाई अलर्ट जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में विशेष निगरानी, लगातार सैनिटाइजेशन अभियान और पोल्ट्री फार्मों से सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे जाने का काम चल रहा है। यह कदम संभावित संक्रमण के खतरे का समय रहते आकलन करने के लिए उठाए गए हैं।

घटना का क्रम
11 जनवरी की सुबह, मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने पेड़ों के नीचे बड़ी संख्या में मृत कौए देखे। कुछ पक्षी तड़पती हालत में भी पाए गए, जिससे बर्ड फ्लू की आशंका और गहरी हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने सभी मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से हटाकर सैंपल जांच के लिए भेजा।

पुष्टि और प्रशासनिक कार्रवाई
भोपाल स्थित उच्च स्तरीय प्रयोगशाला से रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के तुरंत बाद प्रशासन ने आसपास के इलाकों में एहतियाती कदम उठाना शुरू कर दिया। प्रभावित क्षेत्रों में जिला पशुपालन विभाग और नवगछिया नगर परिषद की ओर से सूचनात्मक पोस्टर और चेतावनी संदेश लगाए गए हैं।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे संक्रमित क्षेत्रों में जाने से बचें और किसी भी असामान्य स्थिति या मृत पक्षी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की भी चेतावनी दी गई है।
















