



भागलपुर से एक दिल दहला देने वाली, लेकिन राहत भरी घटना सामने आई है। विक्रमशिला सेतु पर एक महिला अपने नवजात बच्चे को गोद में लिए गंगा नदी में कूदने की तैयारी में थी। आंखों में असहायता और चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था। कुछ ही पलों में दो जिंदगियों पर संकट मंडरा रहा था।

इसी दौरान ड्यूटी पर जा रहे डायल 112 में तैनात दारोगा सिकंदर कुमार की नजर महिला पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने बिना एक क्षण गंवाए वाहन रोका और महिला से संवाद स्थापित किया। दारोगा ने महिला को समझाया, उसे हिम्मत दी और तत्परता दिखाते हुए रेलिंग से पीछे खींच लिया। इस त्वरित कार्रवाई से महिला और उसकी गोद में मौजूद नवजात शिशु दोनों सुरक्षित बच गए।
घटना महज कुछ सेकंड की थी, लेकिन दारोगा सिकंदर कुमार की सूझबूझ और साहस ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली और पुलिसकर्मी की तत्परता की सराहना की।

फिलहाल महिला द्वारा ऐसा कदम उठाने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है और मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
यह घटना न केवल पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि समय पर लिया गया एक सही निर्णय कई जिंदगियों को बचा सकता है।
















