



नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में शबे-बरात का पर्व पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। लोगों ने अपने पुरखों और मरहूम रिश्तेदारों की मगफिरत और उन्हें जन्नत में आला से आला मुकाम मिलने की दुआ की।

शबे-बरात की रात ईशा की नमाज के बाद लोग समूह में कब्रिस्तान पहुंचे। वहां अपने-अपने रिश्तेदारों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी गई और दुआ मांगी गई। कब्रिस्तान में दफन सभी मरहूमों के लिए अल्लाह से रहमत और मगफिरत की दुआ की गई। इस दौरान पूरा माहौल इबादत और खामोशी में डूबा रहा।

नवगछिया के उजानी, मक्खातकिया, मुमताज मोहल्ला, रंगरा चौक और प्रखंड के सधुआ, बनिया, मुरली समेत अन्य इलाकों में भी यह पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया।

मुमताज मोहल्ला, नवगछिया (वार्ड नंबर 21) से जफर अंसारी, शौकत अंसारी, प्रो. अतहर अंसारी, शाहिद अंसारी, सोहेल और साहेब, सधुआ से मु. शमीम अख्तर, नियाजुल हक, मु. बबलु और मु. बाबर ने दुआओं में शरीक होकर अपने रिश्तेदारों की याद में इबादत की।
मश्जिदों में कई लोगों ने कुरआन की तिलावत की और बड़ी संख्या में लोगों ने नफ्ल की नमाज अदा की। लोगों ने अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी और आने वाले समय के लिए भलाई की दुआ मांगी। शबे-बरात की रात को इबादत और दुआ की विशेष अहमियत होती है। इसी आस्था के तहत लोगों ने पूरी रात जागकर नमाज, तिलावत और दुआ में समय बिताया।















