



भागलपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर–2026 का भव्य शुभारंभ मारवाड़ी कॉलेज परिसर में किया गया। इस शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवक उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सेवा भावना को मजबूत करना है।
यह आयोजन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में, एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय बिहार-झारखंड तथा तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद अतिथियों ने स्वयंसेवकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि एनएसएस युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने वाला एक सशक्त मंच है, जो उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

शिविर के दौरान स्वयंसेवकों के लिए विविध शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इनमें स्वच्छता जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम, समूह चर्चा, योग एवं फिटनेस सत्र, व्यक्तित्व विकास कार्यशाला तथा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक संध्याएँ शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और राष्ट्रीय मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रीय एकता शिविर युवाओं को “विविधता में एकता” के वास्तविक अर्थ से परिचित कराता है। अलग-अलग राज्यों से आए स्वयंसेवक अपनी भाषा, वेशभूषा, लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे, जिससे परस्पर समझ, सम्मान और भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलेगा। यह सांस्कृतिक संवाद देश की एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय एवं कॉलेज प्रशासन के प्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयंसेवकों के उत्साह, अनुशासन और सेवा भावना की सराहना की। अतिथियों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता जैसे कार्यों में निरंतर सक्रिय रहकर देश के विकास में योगदान दें।

शिविर के समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों को विश्वास है कि यह सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर युवाओं के भीतर देशभक्ति, सामाजिक संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करेगा, जिससे वे भविष्य में राष्ट्र निर्माण के सशक्त भागीदार बन सकेंगे।
















