



भागलपुर से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि सच्चा प्रेम न तो परिस्थितियों से हारता है और न ही किसी हादसे से कमजोर पड़ता है। भागलपुर जिले के सुरखीकल मोहल्ले में स्थित शिव मंदिर उस समय सच्चे प्रेम का साक्षी बना, जब एक दिव्यांग युवक और उसकी जीवनसंगिनी ने समाज की तमाम बाधाओं को पीछे छोड़ते हुए विवाह किया।

सुरखीकल निवासी पंकज और गोलाघाट की रहने वाली आरती का प्रेम बचपन से ही चला आ रहा था। समय के साथ दोनों का रिश्ता और भी प्रगाढ़ होता गया। इसी दौरान एक सड़क दुर्घटना ने पंकज के जीवन को झकझोर कर रख दिया, जिसमें उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया। इस हादसे के बाद जीवन की राहें कठिन हो गईं और सामाजिक चुनौतियां भी सामने आईं।

हालांकि, इन विपरीत परिस्थितियों में भी आरती का प्रेम डगमगाया नहीं। उन्होंने हर हाल में पंकज का साथ निभाने का संकल्प लिया और अपने रिश्ते को पूरी मजबूती के साथ निभाने का निर्णय लिया। अंततः दोनों ने अचानक विवाह करने का फैसला किया। आरती घर से निकलकर सीधे पंकज के पास पहुंचीं और गांव के शिव मंदिर में विधिवत सात फेरे लेकर एक-दूसरे के साथ जीवन भर का रिश्ता जोड़ लिया।
मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने इस भावुक क्षण को देखा और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। यह विवाह केवल एक सामाजिक रस्म नहीं, बल्कि उस प्रेम की जीत है जो न हादसों से डरता है और न ही किसी मजबूरी के आगे झुकता है। यह कहानी समाज को यह संदेश देती है कि जहां सच्चा प्रेम होता है, वहां कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।














