



नवगछिया : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रखंड के विभिन्न शिवालयों और धार्मिक स्थलों पर भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन के उत्सव के रूप में भव्य रूप से आयोजन किया गया। तिनटंगा करारी, सैदपुर, धरहरा, पचगछिया, अभिया, गोपालपुर, गोसाईगांव, मकनपुर सहित अन्य क्षेत्रों में सुबह से ही “शिवघोष” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरे मंदिर परिसर गूंज उठा।

श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में बेलपत्र, दूध, जल और मौसमी फल लेकर शिवलिंग पर अर्पित किए। मंदिरों में ‘ओम नमः शिवाय’ के मंत्रों की ध्वनि पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रही थी। भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उपवास का पालन करते हुए भगवान शिव की आराधना की।
शास्त्रज्ञ पंडित अमरनाथ झा ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन स्वयं को शिव तत्व से जोड़ने का विशेष महत्व है। इससे अज्ञानता और अधर्म का नाश होता है, और सत्य तथा धर्म की विजय सुनिश्चित होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भक्ति भाव और संयम के साथ पूजा करने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से ओतप्रोत रहा। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए भक्तों ने अपने परिवार के साथ भगवान शिव की पूजा में भाग लेकर महाशिवरात्रि के पावन महोत्सव को भव्य बनाया।















