


नवगछिया के नारायणपुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे एवं पैथोलॉजी जांच केंद्रों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नारायणपुर में विशेष जांच अभियान चलाया। सिविल सर्जन के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की टीम द्वारा विभिन्न निजी स्वास्थ्य संस्थानों की जांच की गई। जांच की सूचना मिलते ही कई संचालकों ने अपने सेंटर बंद कर दिए, जबकि कई केंद्रों पर वैध कागजात उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
सीएचसी प्रभारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि जांच के लिए डॉक्टर अंकित कुमार को टीम के साथ भेजा गया था। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट जिला पदाधिकारी (डीएम) एवं सिविल सर्जन को भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जांच के दौरान मधुरापुर स्थित गायत्री डिजिटल एक्सरे सेंटर बंद पाया गया। बताया गया कि पिछली जांच के समय भी यह केंद्र बंद मिला था, जबकि स्थानीय स्तर पर यहां नियमित जांच किए जाने की बात सामने आती रही है। आस्था पैथोलॉजी के संचालक ने वैधता प्रमाणपत्र होने की बात कही, जिसे सीएचसी कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया। वहीं दीप डिजिटल अल्ट्रासाउंड के संचालक द्वारा आवश्यक कागजात प्रस्तुत किए गए।
न्यू रंजन डिजिटल एक्सरे एवं माँ उषा डिजिटल अल्ट्रासाउंड के संचालक संदीप कुमार जांच के दौरान कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्हें आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। सिटी डायग्नोसिस अल्ट्रासाउंड सेंटर जांच टीम के पहुंचने पर अंदर से बंद मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार संचालक मनीष कुमार द्वारा अल्ट्रासाउंड जांच के साथ मरीजों को दवा भी दी जाती है, जबकि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से अनुमति प्राप्त नहीं है। आरोप है कि जांच के बाद अवैध तरीके से उपचार भी किया जाता है।
आदर्श क्लीनिक के संचालक ने पंजीयन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए, जबकि उसके समीप संचालित ओम क्लीनिक जांच के दौरान बंद पाया गया। माँ क्लीनिक को केवल ओपीडी संचालन की अनुमति होने के बावजूद नर्सिंग होम की तरह ऑपरेशन किए जाने की शिकायत मिली, जिस पर संबंधित कागजात की मांग की गई। वहीं माँ तारा क्लीनिक एवं एक्सरे केंद्र के संचालक प्रमोद पोद्दार ने पंजीयन संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया और केंद्र संचालन से स्वयं को अलग बताया।
आरटीआई में सिटी डायग्नोसिस अल्ट्रासाउंड सेंटर अवैध बताए जाने का मामला
आरटीआई कार्यकर्ता राजेश शर्मा द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय से जिले में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों की सूची मांगी गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में केवल एक अल्ट्रासाउंड सेंटर ही पंजीकृत पाया गया, जबकि मधुरापुर पंडित टोला में संचालित सिटी डायग्नोसिस अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र को अवैध बताते हुए इसे बंद कराने का निर्देश पीएचसी नारायणपुर को दिया गया था। इसके बावजूद केंद्र के संचालन जारी रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार जांच अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जुर्माने की बात होती है। ताजा जांच के बाद भी किसी क्लीनिक या जांच केंद्र को बंद नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा अवैध रूप से संचालित संस्थानों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।













