


भागलपुर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने को लेकर बुधवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी जनार्दन प्रसाद सिंह ने बताया कि भागलपुर जिले में आई-रेड (iRAD) पोर्टल पर सड़क दुर्घटनाओं की प्रविष्टि काफी कम हो गई है, जिसके कारण सड़क सुरक्षा रैंकिंग में जिले की स्थिति प्रभावित हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले भागलपुर तीसरे स्थान पर था, लेकिन अब गिरकर 11वें स्थान पर पहुंच गया है। इस पर उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया कि सभी थाना स्तर से दुर्घटना मामलों की प्रविष्टि आई-रेड पोर्टल पर तेजी से सुनिश्चित कराई जाए।
उन्होंने बताया कि जिले में हिट एंड रन के 260 मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन सी-4 प्रतिवेदन समय पर थानों से प्राप्त नहीं होने के कारण पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में परेशानी हो रही है। जिला परिवहन पदाधिकारी ने सभी थानों के माध्यम से सी-4 रिपोर्ट जिला परिवहन कार्यालय को उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि दुर्घटना पीड़ितों या उनके परिजनों को शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जा सके।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि हिट एंड रन मामलों में अब दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों के इलाज के लिए कैशलेस योजना लागू की गई है। इसके तहत आयुष्मान भारत योजना से निबंधित अस्पतालों में घायल व्यक्ति का इलाज कराया जाएगा और एक सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी स्तर से अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक की राशि का भुगतान किया जाएगा।
बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे और दुर्घटनाओं की रोकथाम, त्वरित रिपोर्टिंग तथा पीड़ित सहायता व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई गई।















