


भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी की इलाज के दौरान मायागंज अस्पताल में मौत हो जाने से मामला चर्चा में आ गया है। मृतक कैदी के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतक कैदी की पहचान बेगूसराय जिले के बिहट निवासी भोला सिंह के पुत्र राजीव कुमार (45 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राजीव कुमार हत्या के एक मामले में पिछले लगभग सात वर्षों से भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद था।
जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम अचानक राजीव कुमार को पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। दर्द बढ़ने के कारण उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। स्थिति को गंभीर देखते हुए जेल प्रशासन ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया।
मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान ही राजीव कुमार की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
इधर मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक के साले के दोस्त रामविलास शर्मा ने बताया कि राजीव कुमार को पहले कभी कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। उनके अनुसार 45 साल की उम्र में उन्हें कभी इस तरह की तबीयत खराब होने की शिकायत नहीं रही, ऐसे में अचानक पेट में तेज दर्द होने और मौत हो जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
रामविलास शर्मा ने बताया कि बुधवार की शाम जेल प्रशासन की ओर से फोन कर परिजनों को राजीव के पेट दर्द और बेचैनी की जानकारी दी गई थी। सूचना मिलने के बाद जब परिजन भागलपुर पहुंचे तो मायागंज अस्पताल में उन्हें राजीव का शव मिला।
परिजनों का यह भी आरोप है कि राजीव कुमार की मौत के लगभग 20 घंटे बाद शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जो संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जेल प्रशासन और जिला प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में आक्रोश है और वे पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं।















