


नवगछिया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 21 स्थित गरीब दास ठाकुरबाड़ी रोड, मुमताज मोहल्ला तथा रुंगटा सत्संग भवन रोड इलाके में आवारा एवं कथित रूप से पागल हो चुके कुत्ते के आतंक से स्थानीय लोग भयभीत हैं। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि पिछले दो दिनों के दौरान कुत्ते ने एक दर्जन से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। लगातार हो रहे हमलों के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त कुत्ता राह चलते लोगों पर अचानक हमला कर देता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह गंभीर खतरा बन गया है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि कुत्ता लोगों को देखते ही उन पर टूट पड़ता है, जिससे बच्चे घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वार्ड संख्या 21 के नागरिकों ने नवगछिया नगर परिषद को लिखित आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि क्षेत्र में कुत्तों के आतंक के कारण आम लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। प्रतिदिन 8 से 10 लोगों, विशेषकर बच्चों के कुत्ते के हमले का शिकार होने की बात आवेदन में उल्लेखित की गई है।

आवेदन पर अमित कुमार, राजेश कुमार, राजीव रंजन, प्रकाश कुमार, नरेश कुमार शर्मा, सद्दाम अंसारी, तोहिद अंसारी तथा कामराज अंसारी समेत कई स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर हैं। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से अविलंब कार्रवाई कर क्षेत्र को इस समस्या से मुक्त कराने की मांग की है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजने और शाम के समय लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है।

इस संबंध में पूछे जाने पर नवगछिया नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि वार्ड संख्या 21 से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है। स्थानीय नागरिकों ने कार्यालय में आकर लिखित आवेदन भी दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद द्वारा विशेष टीम गठित की गई है।
कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि टीम को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही क्षेत्र में अभियान चलाकर आवारा एवं आक्रामक कुत्ते को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
फिलहाल स्थानीय लोग नगर परिषद की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।















