


नवगछिया । पूर्णिया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) रेफर की गई एक महिला मरीज की रास्ते में एंबुलेंस में ही मौत हो गई। नवगछिया के समीप तबीयत अधिक बिगड़ने पर परिजन उसे अनुमंडल अस्पताल नवगछिया लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
मृतका की पहचान पूर्णिया जिले के मरंगा थाना क्षेत्र निवासी आरती कुमारी (40 वर्ष), पिता राम गणेश वर्मा के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि आरती कुमारी एक दुर्लभ आनुवंशिक (जेनेटिक) बीमारी से पीड़ित थीं। बीमारी के कारण उनकी शारीरिक वृद्धि सामान्य रूप से नहीं हो पाई थी। उम्र 40 वर्ष होने के बावजूद उनका शारीरिक स्वरूप 8 से 10 वर्ष की बच्ची जैसा प्रतीत होता था।
परिजनों के अनुसार आरती कुमारी का बचपन से ही विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा था। दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों में भी उनका वर्षों तक उपचार कराया गया था। हाल ही में वह अपने परिवार के साथ बिहार आई थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकों द्वारा स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया गया। परिजन एंबुलेंस से उन्हें भागलपुर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान नवगछिया के समीप पहुंचते-पहुंचते उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई। घबराए परिजन उन्हें तत्काल अनुमंडल अस्पताल नवगछिया लेकर पहुंचे।
अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. तरुण कुमार ने जांच के बाद आरती कुमारी को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
परिजनों ने बताया कि आरती कुमारी लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और लगातार चिकित्सकीय देखरेख में थीं। उनकी मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
















