


नवगछिया। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर बुधवार को 35 बिहार बटालियन एनसीसी, पूर्णिया के निर्देशानुसार जी.बी. कॉलेज, नवगछिया में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने की। संगोष्ठी में विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप तकनीकी, डिजिटल एवं व्यावसायिक कौशल विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। युवाओं को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के लिए तकनीकी, डिजिटल और व्यावसायिक कौशल भी विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि कौशलयुक्त युवा ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं पूर्व एएनओ डॉ. फिरोज अहमद ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से लगातार नए कौशल सीखने, नवाचार अपनाने तथा स्वयं को समय के अनुरूप तैयार करने का आह्वान किया।
विशिष्ट वक्ता डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में रोजगार प्राप्त करने के लिए केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है। संचार कौशल, डिजिटल दक्षता, टीम वर्क, समस्या समाधान क्षमता और उद्यमिता जैसे व्यावहारिक कौशल भी सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन लेफ्टिनेंट (डॉ.) दिव्य प्रियदर्शी ने किया। उन्होंने सभी शिक्षकों, एनसीसी कैडेटों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपने कौशल का विकास करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने की प्रेरणा देते हैं। संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षक, एनसीसी कैडेट एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
















