



भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है और गंगा किनारे बसे कई गांवों के किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। खेतों में लगी सब्जियों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कई किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन बाढ़ के कारण उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया। न केवल फसलें खराब हो गई हैं, बल्कि उनके पास अब खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है और दोबारा खेती शुरू करने के लिए संसाधन भी नहीं हैं।

एक स्थानीय किसान विजय पोद्दार ने बताया, “गंगा का पानी खेतों में भर गया है, सारी फसल सड़ गई। हमने बहुत मेहनत की थी। अब उम्मीद है कि सरकार जल्द से जल्द मुआवजा दे ताकि हम दोबारा खेती कर सकें।”
बाढ़ की इस आपदा ने सिर्फ फसलों को ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। खेतों में जलजमाव के कारण न केवल फसलें बर्बाद हुई हैं, बल्कि पशुपालन और अन्य ग्रामीण रोजगार भी प्रभावित हो रहे हैं।
अब किसान प्रशासन और सरकार से तुरंत राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को सामान्य कर सकें और अगली फसल की तैयारी कर सकें। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।















