



भागलपुर जिले में बीते दो माह से लगातार चल रहे महिला संवाद कार्यक्रम का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सुनिर्मल गरेन ने बताया कि जिले के निर्धारित सभी 1820 ग्राम संगठनों में महिला संवाद कार्यक्रम पूर्ण रूप से संपन्न कराया गया।
प्रत्येक ग्राम संगठन में औसतन 250 से 270 महिलाओं ने भाग लिया। इस तरह प्रतिदिन 30 ग्राम संगठनों में आयोजित संवाद में लगभग 7 हजार महिलाएं शामिल हुईं। जिलेभर के इन कार्यक्रमों में कुल मिलाकर लगभग 4 लाख महिलाओं की भागीदारी रही। इनमें से 3.43 लाख महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। साथ ही 32 हजार से अधिक पुरुषों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर, सरकार की योजनाओं एवं नीतियों में उनकी आकांक्षाओं को समाहित करना था। संवाद कार्यक्रम की शुरुआत 18 अप्रैल को हुई थी, जो 18 जून को संपन्न हुआ। इस दौरान जागरूकता वाहन के माध्यम से सरकारी योजनाओं पर आधारित वीडियो फिल्में दिखाई गईं और महिलाओं के साथ विभिन्न सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर बातचीत कर उनके मंतव्य एकत्र किए गए।
महिलाओं द्वारा साझा की गई लगभग 35 हजार आकांक्षाओं को मोबाइल एप पर दर्ज किया गया है। इनमें से अधिकांश का समाधान स्थानीय प्रखंड एवं जिला प्रशासन स्तर पर किया जा रहा है, जबकि नीतिगत मामलों को राज्य कार्यालय को भेजा गया है।
कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं ने नीतीश सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। जगदीशपुर प्रखंड की बड़ी नीमा गांव की संगीता देवी ने बताया कि उनके गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट की मांग महिला संवाद कार्यक्रम में रखी गई थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए पूरा किया है। इसी प्रकार राधा देवी ने बताया कि संवाद के दौरान आयुष्मान कार्ड की मांग की गई थी, जिसके बाद गांव में विशेष शिविर लगाकर सभी योग्य लाभार्थियों को कार्ड उपलब्ध कराया गया।

महिला संवाद जैसी ऐतिहासिक पहल ने बिहार को एक बार फिर महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत आधार दिया है। राज्यभर में करीब एक करोड़ महिलाएं इस संवाद कार्यक्रम से जुड़ीं, जिससे यह अभियान महिला अधिकारों और सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रहा है।












