



भागलपुर। अंग प्रदेश के श्रद्धालुओं का बहुप्रतीक्षित श्रावणी मेला अब आरंभ होने को है। 11 जुलाई से सुल्तानगंज से कांवरियों का जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होने लगेगा। इस पावन अवसर को लेकर प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। माना जाता है कि श्रावण मास भगवान शिव का प्रिय महीना होता है और इस दौरान लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लगभग 110 किलोमीटर की कठिन यात्रा कर झारखंड स्थित देवघर में बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करते हैं।

श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक के कांवरिया पथ को सजाया और संवारा गया है। कांवर पथ की मरम्मत, सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल व्यवस्था, लाइटिंग और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुल्तानगंज में देशभर के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
इस बीच बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री ने बताया कि कांवर यात्रा को सफल बनाने के लिए पथ निर्माण विभाग की ओर से विशेष पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि भागलपुर से मुंगेर के बीच गंगा नदी के किनारे पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर एक भव्य फोर लेन गंगा पथ का निर्माण कराया जाएगा, जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है। यह पथ आने वाले वर्षों में कांवरियों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा।
कांवरिया पथ को सुचारु रूप से संचालन के लिए 10 अलग-अलग जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की निगरानी और व्यवस्थाओं का जिम्मा अलग-अलग अधिकारियों को सौंपा गया है। सुल्तानगंज से देवघर तक कुल 110 किलोमीटर की यात्रा में 82 किलोमीटर का मार्ग बिहार में और शेष झारखंड में पड़ता है। मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि सभी जोनों की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।


श्रावणी मेले को लेकर सुल्तानगंज में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, कंट्रोल रूम, गश्ती दल, मोबाइल मेडिकल यूनिट, विश्राम स्थल, सूचना केंद्र सहित हर सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। धार्मिक आस्था, सेवा और शिवभक्ति का यह संगम 11 जुलाई से सुल्तानगंज से आरंभ होकर पूरे सावन भर देवघर तक गूंजता रहेगा।












