



भागलपुर में विशेष पुनरीक्षण को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित
भागलपुर के समीक्षा भवन में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के अंतर्गत मतदाता सूची सत्यापन को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में भागलपुर नगर निगम की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल, उपमहापौर डॉ. सलाउद्दीन एहसन, नगर आयुक्त शुभम कुमार, सभी वार्ड पार्षद, नगर निगम के पदाधिकारी एवं शहरी क्षेत्र के बीएलओ सुपरवाइजर शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि भागलपुर जिले में गणना प्रपत्र अपलोड किया जा चुका है। जिन नागरिकों ने गणना प्रपत्र के साथ साक्ष्य नहीं दिया है, उन्हें अब साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि लगभग 40 प्रतिशत मतदाताओं के नाम 2003 की मतदाता सूची में पहले से मौजूद हैं। ऐसे लोगों को केवल उस सूची का भाग संख्या, बूथ नंबर और सीरियल नंबर साक्ष्य के रूप में देना होगा या उस हिस्से को चिह्नित कर जमा करना होगा।

इसके साथ ही ऐसे मतदाताओं के बेटे या बहू को अपने माता-पिता के नाम 2003 की मतदाता सूची में होने का प्रमाण पत्र, स्वयं द्वारा अभिप्रमाणित कर प्रस्तुत करना होगा। इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए वार्ड पार्षदों को 2003 और 2025 की मतदाता सूचियों के मिलान हेतु प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 25 जुलाई को भागलपुर के प्रत्येक बूथ पर बीएलओ दोनों मतदाता सूचियों के साथ सुबह 8 बजे से 11 बजे तक उपस्थित रहेंगे। वे बीएलए के साथ मोहल्लों में भ्रमण कर नाम मिलान एवं साक्ष्य जुटाने का कार्य करेंगे। इस कार्य में संबंधित वार्ड पार्षद अपने बीएलओ से समन्वय स्थापित कर सहयोग देंगे।
महापौर डॉ. वसुंधरा लाल ने कहा कि सभी वार्ड पार्षद जागरूक हैं और जिलाधिकारी ने पूरे विषय को अत्यंत स्पष्टता से समझाया है। नगर आयुक्त ने भी सभी संदेहों का समाधान किया है। बीएलओ और वार्ड पार्षद आपसी तालमेल से कार्य को सफल बनाएंगे।
उपमहापौर डॉ. सलाउद्दीन एहसन ने कहा कि बैठक में सभी को उचित दिशा-निर्देश मिले हैं, जिससे दो दिनों में अधिकतर साक्ष्य एकत्र कर लिए जाएंगे।
नगर आयुक्त शुभम कुमार ने कहा कि जिन मतदाताओं की उम्र 38 वर्ष से अधिक है, उनके लिए नया दस्तावेज बनवाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में पहले से दर्ज है। वहीं, 21 से 38 आयु वर्ग के लोगों को अपने माता या पिता के नाम 2003 की मतदाता सूची में होने का साक्ष्य और कोई एक स्वयं का प्रमाण पत्र देना होगा।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान का अधिकार राजा और रंक दोनों को समान बनाता है। कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रह जाए, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।













