



भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र के लकड़ाकोल गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान कहलगांव के डीएसपी सहित कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज भागलपुर के मायागंज अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बीती रात करीब एक बजे तीन-चार थानों की पेट्रोलिंग गाड़ी के साथ कहलगांव डीएसपी लकड़ाकोल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने इसे बाहरी अपराधियों का हमला समझते हुए जवाब में पथराव और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस की एक गाड़ी को घेर लिया, जबकि दो अन्य गाड़ियां मौके से फरार हो गईं। घेराव की गई गाड़ी से चार पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया, जिनमें एक पुलिसकर्मी सज्जाद, एक ड्राइवर और दो अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

घटना की जानकारी मिलते ही शिवनारायणपुर थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे और छानबीन के दौरान पुलिस ने मौके से गाड़ी के कागजात, एक पिस्टल, 56 खोखा और जिंदा कारतूस बरामद किए। वहीं, एक ग्रामीण युवक ने बताया कि इस विवाद के पीछे विजय भगत से जुड़ा एक पुराना लेनदेन विवाद भी हो सकता है। युवक ने कहा कि उसने कुछ दिन पहले विजय भगत को गाड़ी दी थी, जिसकी कीमत अभी तक नहीं चुकाई गई थी। पंचायत में तय हुआ था कि 30 लाख रुपये दिए जाएंगे, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे, जिससे ग्रामीणों को संदेह हुआ कि वे अपराधी हैं। कुछ संदिग्ध मौके से चप्पल-जूते और पिस्टल छोड़कर भाग निकले। इस घटना में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं और गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सिविल ड्रेस में आए पुलिसकर्मियों ने निर्दोष लोगों के साथ भी मारपीट की है। अब यह देखना होगा कि सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी लंबी जांच में दबकर रह जाएगा।














