5
(1)

श्रीमतपुर हुज़ूरनगर पंचायत के बाढ़ पीड़ितों ने अंचल कार्यालय में किया हंगामा, राहत से वंचित होने का लगाया आरोप

भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत श्रीमतपुर हुज़ूरनगर पंचायत के बाढ़ पीड़ितों ने सोमवार को अंचल कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया। पीड़ितों का आरोप था कि बाढ़ के दिनों में सरकार द्वारा घोषित राहत योजना का लाभ अब तक उन्हें नहीं मिला है।

पीड़ितों में तेतरी देवी, जासो देवी, मीरा देवी, उर्मिला देवी, बिंदिया देवी समेत 74 अन्य ग्रामीण शामिल थे। उन्होंने बताया कि कई बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने के बावजूद न तो जीआर राशि मिली और न ही अन्य सुविधाएं। ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन दोहरी नीति अपना रहा है, जिसके कारण वे बार-बार भटकने को मजबूर हैं।

स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित महिलाओं ने अंचल कार्यालय के गेट को पीटकर विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं पर अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं।

पंचायत के वार्ड सदस्य मो. काबिल ने भी ग्रामीणों के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों को अब तक किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिली है। कई बार सूची सौंपने और आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।

हंगामे के दौरान अंचलाधिकारी चंद्रशेखर कुमार छुट्टी पर थे, जबकि राजस्व अधिकारी मनोहर कुमार निर्वाचन प्रशिक्षण में व्यस्त थे। अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण पीड़ितों को निराश होकर बिना समाधान के वापस लौटना पड़ा।

भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत श्रीमतपुर हुज़ूरनगर पंचायत के बाढ़ पीड़ितों ने सोमवार को अंचल कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया। पीड़ितों का आरोप था कि बाढ़ के दिनों में सरकार द्वारा घोषित राहत योजना का लाभ अब तक उन्हें नहीं मिला है।

पीड़ितों में तेतरी देवी, जासो देवी, मीरा देवी, उर्मिला देवी, बिंदिया देवी समेत 74 अन्य ग्रामीण शामिल थे। उन्होंने बताया कि कई बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने के बावजूद न तो जीआर राशि मिली और न ही अन्य सुविधाएं। ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन दोहरी नीति अपना रहा है, जिसके कारण वे बार-बार भटकने को मजबूर हैं।

स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित महिलाओं ने अंचल कार्यालय के गेट को पीटकर विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं पर अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं।

पंचायत के वार्ड सदस्य मो. काबिल ने भी ग्रामीणों के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों को अब तक किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिली है। कई बार सूची सौंपने और आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।

हंगामे के दौरान अंचलाधिकारी चंद्रशेखर कुमार छुट्टी पर थे, जबकि राजस्व अधिकारी मनोहर कुमार निर्वाचन प्रशिक्षण में व्यस्त थे। अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण पीड़ितों को निराश होकर बिना समाधान के वापस लौटना पड़ा।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: