



नवगछिया। खरीक प्रखंड के ध्रुवगंज स्थित नई दुर्गा स्थान परिसर में सोमवार को नव दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ बड़े ही श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, वैदिक मंत्रोच्चार और देवी-देवताओं के भव्य पूजन के साथ हुआ। प्रथम दिवस पर पावन कथा व्यास पीठ से पूज्य कथाव्यास आचार्य श्रीमांगन जी महाराज ने श्रीराम कथा के महात्म्य एवं उसके दार्शनिक महत्व पर गहन प्रकाश डाला।

अपने प्रवचन में बताया कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक आख्यान मात्र नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को सत्य, मर्यादा और कर्तव्य-धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। रामचरितमानस में वर्णित आदर्श चरित्र मानव जीवन को सजाने और समाज को सुदृढ़ बनाने की दिशा प्रदान करते हैं। आचार्य श्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन हर वर्ग, हर पीढ़ी और हर परिस्थिति में प्रासंगिक है।

कथा के श्रवण मात्र से मानव हृदय में भक्ति, करुणा, सेवा और त्याग की भावना जागृत होती है। कथा का दार्शनिक महत्व यह है कि यह जीवन में उत्पन्न अंधकार को दूर कर आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है। वही कथा सुनने क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन समेत इलाके के प्रबुद्धजन, समाजसेवी व ग्रामीण उपस्थित रहे। बताया कि आने वाले नौ दिनों तक प्रतिदिन प्रातः एवं संध्या वेला में कथा एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया है, जहां संत महात्माओं के प्रवचन तथा कीर्तन से वातावरण को भक्तिमय हो गया है।














