



गोसाई गांव के गंगा तट पर श्रीमद् भागवत कथा का भव्य और शांतिपूर्ण समापन
नवगछिया। गोपालपुर प्रखंड के गोसाई गांव में गंगा तट पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का सातवां और अंतिम दिन विशेष उल्लास और श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान श्री कृष्ण के जीवन और लीलाओं का वर्णन करते हुए भक्तजन बड़ी संख्या में शामिल हुए और कथा का आनंद लिया।

कथा के दौरान भगवान कृष्ण और सुदामा जी की मित्रता का दृश्य विशेष रूप से हृदयस्पर्शी रहा। कथा में बताया गया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र भगवान कृष्ण से मिलने द्वारिका गए। द्वार पर द्वारपालों ने उन्हें भिक्षुक समझकर रोक दिया, लेकिन जब उन्होंने अपना नाम सुदामा बताया, तो द्वारपाल तुरंत महल में गए और प्रभु को सूचना दी। जैसे ही भगवान कृष्ण ने सुदामा का नाम सुना, वे तेजी से द्वार की ओर भागे और सुदामा को अपने सीने से लगाकर अभिवादन किया। इस दृश्य को देखकर उपस्थित भक्त भाव विभोर हो गए और झांकी पर फूलों की वर्षा की। इसके बाद अग्रवाल परिवार द्वारा प्रसाद वितरण भी किया गया।
इस दिन कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण का रासलीला भी मनाया गया। भक्तजन झांकी देखकर और कथा सुनकर आनंदित हुए तथा गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से जन्मोत्सव का आनंद लिया। कथा आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और भक्ति भावना को भी प्रबल करते हैं।

श्रीमद् भागवत कथा का समापन दीप प्रज्वलन और प्रसाद वितरण के साथ किया गया। उपस्थित लोगों ने आयोजन की भव्यता और भक्तिभाव से अत्यंत प्रभावित होकर कहा कि इस प्रकार के आयोजन गांव की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजकों ने बताया कि कथा समाप्त होने के बाद 16 अक्टूबर को कलश विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें ग्रामीण और भक्तजन बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
















