


भागलपुर : दिल्ली स्थित दादा देव मंदिर में स्वामी अनंताचार्य जी महाराज का पावन अवतरण उत्सव पूर्ण श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। दो दिवसीय इस आध्यात्मिक महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और स्वामी जी के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
अवतरण उत्सव में बिहार के नवगछिया, भागलपुर, सहरसा, पूर्णिया, मधेपुरा, बांका, पटना सहित झारखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा एवं दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति संगीत, भजन-कीर्तन, वेद मंत्रोच्चार और जयकारों से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बनता था।
दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत स्वामी अनंताचार्य जी महाराज, स्वामी श्रीधरणीधराचार्य जी महाराज तथा शिव शक्ति योगपीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर स्वामी आगमानन्द जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में संत समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संतों ने आध्यात्मिक जीवन, भक्ति, साधना और गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। संतों ने कहा कि आध्यात्मिक मार्ग ही मानव जीवन को संयम, शांति और सद्भाव की दिशा प्रदान करता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी आगमानन्द जी महाराज ने हिन्दी दिवस के संदर्भ में श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे सादगी, शुचिता और अपनी भारतीय संस्कृति एवं भाषा के प्रति सम्मान बनाए रखें तथा अपने जीवन में संस्कारों को आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति हमारी पहचान हैं, जिनके संरक्षण से ही समाज सशक्त बनता है।
अवतरण उत्सव के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, हवन, संत प्रवचन और सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालु सुबह से देर शाम तक स्वामी जी के दर्शन के लिए उत्सुक दिखाई दिए और लंबी कतारों में खड़े होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट झलक रहा था।
आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न यह अवतरण उत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम बनकर श्रद्धालुओं के मन-मस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़ गया।












