


भागलपुर ।
भागलपुर राष्ट्रीय सेवा योजना, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के तत्वावधान में जिले के 300 एनएसएस स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं का आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है। प्रशिक्षण का तीसरा दिन विशेष रूप से फायर मॉक ड्रिल और आपदा प्रबंधन पर केंद्रित रहा।

स्वयंसेवकों को आग लगने के प्रकार, आग बुझाने के विभिन्न तरीके, धुएं में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के उपाय और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आग से मवेशियों व फसलों की सुरक्षा के तरीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में फायर मॉक ड्रिल का अभ्यास कराया गया, जिसमें आग लगने की स्थिति में टीम संरचना और प्राथमिक चिकित्सा का व्यवहारिक प्रशिक्षण शामिल था। इसके अतिरिक्त, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने के तरीके भी स्वयंसेवकों को सिखाए गए।

प्रशिक्षण के दूसरे दिन आयोजित औपचारिक उद्घाटन सत्र में मारवाड़ी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर संजय झा और पूरनमल बाजोरिया महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश वर्मा उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी, विकास पदाधिकारी और जनसंपर्क अधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी भी प्रशिक्षण का निरीक्षण करने पहुंचे।

तीसरे दिन विश्वविद्यालय के पादप विज्ञान विभाग के डॉ. विवेक सिंह ने पादप विज्ञान और आपदा प्रबंधन विषय पर विशेषज्ञ सत्र का संचालन किया। वहीं, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि किसी भी सत्र में अनुपस्थित पाए गए स्वयंसेवक–सेविकाओं को अंतिम चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद सात छात्रों की अनुपस्थिति के कारण उनके पंजीकरण रद्द कर दिए गए और उनके स्थान पर अतिरिक्त प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों को रोल नंबर आवंटित किया गया।

प्रशिक्षण के चौथे दिन स्वयंसेवकों को एस.एम. महाविद्यालय के परीक्षा भवन ग्राउंड में ले जाकर भूकंप से बचाव और उससे निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाए जाएंगे। यह प्रशिक्षण स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन में सक्षम बनाने और सामुदायिक सेवा के प्रति सजग करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।












