


नवगछिया : महदत्तपुर गांव में उस समय अफरातफरी मच गई जब एक गीदड़ अचानक बस्ती में घुस आया और लोगों पर हमला कर दिया। यह घटना नवगछिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई, जहां एक साथ हुए हमले में आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गीदड़ अचानक गांव की आबादी वाले इलाके में पहुंच गया और घरों के बाहर बैठे लोगों तथा खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों पर हमला करने लगा। हमले के दौरान गीदड़ ने बच्चों और बुजुर्गों को भी नहीं छोड़ा, जिससे लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। अचानक हुई इस घटना से गांव में चीख-पुकार मच गई और कुछ समय के लिए स्थिति पूरी तरह अफरातफरी में बदल गई।
घायलों में आभास कुमार सिंह, अनिल सिंह, सावन कुमार सिंह, उपेंद्र सिंह, प्रियांशु कुमार, नीरज कुमार सिंह, भगवान ठाकुर की पत्नी किरण देवी तथा स्वर्गीय भूदेव प्रसाद सिंह की पत्नी राजकुमारी देवी सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। सभी को ग्रामीणों की मदद से तत्काल इलाज के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल के चिकित्सकों ने घायलों का प्राथमिक उपचार करने के बाद एंटी-रेबीज का टीका लगाया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी घायल फिलहाल खतरे से बाहर हैं, हालांकि एहतियात के तौर पर उन्हें कुछ दिनों तक चिकित्सकीय निगरानी में रहने की सलाह दी गई है।
घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि गीदड़ अभी भी आसपास के इलाके में छिपा हो सकता है, जिससे दोबारा हमले की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल टीम भेजकर गीदड़ को पकड़ने या सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भी गांव में सतर्कता बढ़ाने, रात के समय गश्त कराने तथा ग्रामीणों को जागरूक करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटना के बाद पूरे भागलपुर जिले में भी ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है, वहीं प्रशासन और वन विभाग की अगली कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।












