


नवगछिया :
जिलास्तरीय संतशिरोमणि कुलगुरु संत रविदासजी महाराज की 649वीं पावन जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह का सोमवार को नारायणपुर में भव्य एवं सफल समापन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन अजय रविदास के कुशल प्रबंधन में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग शामिल हुए।
समारोह का शुभारंभ संत शिरोमणि रविदासजी महाराज के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अध्यक्षीय संबोधन में वक्ताओं ने संत रविदास के समता, भाईचारे और सामाजिक एकता के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षा, संगठन और जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाना आवश्यक है तथा नई पीढ़ी को नेतृत्व के लिए तैयार करना समय की मांग है।
कार्यक्रम में बिनोद राम, ब्रह्मदेव राम, किरण कुमारी, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार, इंद्रदेव दास, चंदेश्री राम, बचनदेव राम, कैलाश दास, मनोहर दास, अरविंद राम, रणजीत राम, मुकेश कुमार, संजय दास, विकास सिंह जाटव, अनुपम कुमार, दिलीप कुमार, शशि कुमार, सुमित, विभाष, राकेश, समरजीत, विष्णु, छोटू आजाद, विक्रम, बमबम रविदास सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
वक्ताओं ने समाज के उत्थान, युवाओं की शिक्षा, सामाजिक समरसता, दहेज प्रथा उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम तथा नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन संघर्ष, समानता और मानवता का प्रतीक है, जो आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करता है।
इस अवसर पर समाज की एकजुटता को मजबूत करने के उद्देश्य से “बहुजन समता सेना” के गठन की औपचारिक घोषणा भी की गई। बताया गया कि यह संगठन सामाजिक न्याय, समता, शिक्षा जागरूकता और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करेगा। घोषणा के साथ ही उपस्थित जनसमूह ने तालियों और जयकारों से अपना समर्थन व्यक्त किया।
महासम्मेलन के दौरान प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। भजन मंडलियों द्वारा संत रविदास के भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में महिलाओं एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण रही।
आयोजन समिति ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में एकजुटता, जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में मील का पत्थर साबित होते हैं। सामूहिक प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ।
कार्यक्रम की सफलता पर नीतु कुमारी उर्फ पुतुल गुप्ता, भारत विकास तथा संस्कृताचार्य डॉ. शिवनाथ रविदास उर्फ चहकनाथ भागलपुरी ने समस्त आयोजक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।












