


कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर में सामूहिक स्वच्छता अभियान से हुई। इसके बाद प्राचार्या डॉ. कंचन गुप्ता, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं प्रशिक्षुओं ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान परिसर में कई पौधे लगाए गए तथा उनकी देखभाल का संकल्प लिया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्लोगन प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण तथा इको-फ्रेंडली मॉडल एवं प्रोजेक्ट प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। प्रशिक्षुओं ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित जीवनशैली से जुड़े आकर्षक संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के पक्ष में नारे लगाए गए तथा वृक्षारोपण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
महाविद्यालय के निदेशक डॉ. असद इमाम ने कहा कि प्रकृति ही जीवन का आधार है और पर्यावरण ही हमारा भविष्य निर्धारित करता है। उन्होंने सभी से वृक्षारोपण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक आदत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का छोटा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और हरित संसार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्राचार्या डॉ. कंचन गुप्ता ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनते हुए नियमित रूप से वृक्षारोपण करना चाहिए, स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण ही स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं हरित विकास के लिए सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी प्रशिक्षुओं ने समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने और प्रकृति संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर डॉ. स्मृति अमृता, डॉ. शबाज़ जफर, डॉ. अक्षय कुमार, मृत्युंजय कुमार, अनमोल कुमार झा, शालिनी शलूजा, कुमारी सिम्मी, नीरज कुमार, गुड़ेश कुमार, माविया समी, मुकेश कुमार, केशव आनंद, ललित झा, शिशिर कुमार, गोविंद कुमार, संजीत कुमार, महेंद्र कुमार, अरुण कुमार सहित महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे।
















