



इस अवसर पर डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व से जुड़ा विषय है। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और स्वस्थ जीवन के लिए पर्यावरण का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
सदर अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सहयोग संस्था के संरक्षक डॉ. के.के. चौधरी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर.पी. मंडल, क्वालिटी कंसलटेंट डॉ. अनिल कुमार शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों ने पौधारोपण किया। कार्यक्रम में रमन कुमार, अरमान हाशमी, कमलेश शर्मा, राहुल कुमार, सुभाष कुमार, बबलू कुमार तथा जिला स्वास्थ्य समिति के कई कर्मचारी उपस्थित रहे।

वहीं रेनू उद्यान टीओपी परिसर में टीओपी प्रभारी विकास कुमार, सहायक प्रभारी आलोक कुमार, शंभू सिंह एवं अन्य कर्मियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने हर वर्ष पौधे लगाने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि यही हमारे जीवन का आधार है। पर्यावरण असंतुलन के कारण प्रदूषण, जल संकट, ग्लोबल वार्मिंग और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है। जैव विविधता को बचाने, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया।















