


सहरसा। संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर गुरुवार को विकास भवन सभागार में आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्री ने जिला प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों का जायजा लेते हुए सभी विभागों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप 15 जून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए चिन्हित आश्रय स्थलों का भौतिक सत्यापन कराने तथा इनका चयन यथासंभव ऊंचे स्थानों पर करने को कहा। उन्होंने पूर्वी कोशी तटबंध के चंद्रायन, कोपरिया और सुपौल क्षेत्र तथा पश्चिमी कोशी तटबंध के निर्मली क्षेत्र में चल रहे कटाव निरोधक कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने लाइफ जैकेट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, पुल-पुलियों के वेंट की सफाई समय पर कराने तथा राहत एवं बचाव संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखने पर जोर दिया। उन्होंने सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, सलखुआ और नवहट्टा के अंचलाधिकारियों को निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ सतर्क एवं सक्रिय रहें तथा संभावित बाढ़ की किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करें।
बैठक से पूर्व जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने मंत्री रत्नेश सादा का पौधा भेंट कर स्वागत किया। बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) निशांत कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
















