


भागलपुर ।
शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 के अंतर्गत जिलास्तरीय कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भागलपुर में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी जिलाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक (शष्य) श्याम बिहारी सिंह एवं जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग, आत्मा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, नाबार्ड, बैंकिंग संस्थानों तथा कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में किसानों को जलवायु अनुकूल खेती, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, फसल विविधीकरण, मोटे अनाज, शारदीय मक्का, बेबी कॉर्न, स्वीट कॉर्न, दलहन, प्याज उत्पादन, जीरो टिलेज तकनीक, उद्यानिकी, कृषि यंत्रीकरण तथा ड्रोन तकनीक के उपयोग संबंधी जानकारी दी गई।
प्रभारी जिलाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए कम भूमि में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि आत्मा योजना के तहत चयनित किसानों को राज्य के बाहर आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में विकसित किया जाए।
जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने किसानों से अपील की कि वे अपनी कुल खेती योग्य भूमि के कम से कम एक चौथाई हिस्से में जैविक खेती अपनाएं। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी, जल और पर्यावरण प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना चाहिए।
नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक अर्चना प्रिया ने बताया कि किसानों को जैविक खेती और कृषि उद्यमिता से जोड़ने के लिए एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) का गठन किया जा रहा है। वहीं अग्रणी जिला प्रबंधक शैलेश गुप्ता ने किसानों को कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के महत्व की जानकारी दी।

अनुमंडल कृषि पदाधिकारी डॉ. हेमलता कुमारी ने किसान पंजीकरण एवं एफआर आईडी की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भविष्य में उर्वरक, बीज, फसल क्षति मुआवजा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ इसी पहचान के आधार पर मिलेगा।
कृषि वैज्ञानिकों ने मिट्टी जांच, फसल चक्र, हरी खाद और संतुलित उर्वरक उपयोग की आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में बताया गया कि 12 जून से 30 जून 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों में शारदीय (खरीफ) महाभियान सह ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा, जिसके तहत पंचायत स्तर पर कृषि चौपाल, प्रशिक्षण एवं उपादान वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अंत में आत्मा के उप परियोजना निदेशक बिपुल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषि पदाधिकारी, कर्मी एवं किसान उपस्थित रहे।
















